अध्याय 49

जेम्स ने नाराज़गी भरी धीमी आवाज़ में कहा, “अमेलिया, तुम थक गई हो। वापस जाकर आराम करो।”

अमेलिया के चेहरे पर बनी कोमल मुस्कान जैसे-तैसे टिकी रही, मगर आँखें अनिच्छा से भरी थीं। “ठीक है, मैं वापस जा रही हूँ। मैं कल फिर आऊँगी।”

जेम्स की तरफ पीठ किए हुए उसने मेरी ओर घूरकर देखा—ऐसे जैसे मुझे चेतावनी दे र...

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